जाने देश के उन 10 आईएएस औफिसर्स के बारे में

1

हेलो दोस्तों आज फिर से आपका हमारी website पर स्वागत है जैसा की आप सब को पता है हम आप सभी के लिए रोज कई प्रकार के सरकारी एग्जाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारिया लेकर आते रहते है सिर्फ आपके उज्वल भविष्य के लिए दोस्तों आज की इस पोस्ट में देश के उन 10 आईएएस ओफिरसर्च के बारे में बताने जा रहे है जिनके काम से देश को गौरवान्वित किया गया, हम आपको बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारिया आपके साथ साझा करने जा रहे है यह जानकारी आपकी आने वाली सभी तरह की सरकारी परीक्षा जैसे की ,SSC, UPSC, Bank, Railway, State PCS, MPPSC, UPPSC, RPPSC, Defence and Army Exams के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है तो आप जुड़े रहिये इस पोस्ट के अंत तक जिससे आपको पूरी जानकारी मिल सखे और आप इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ स्खो।

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको टॉप 10 आईएएस ओफिरसर्च के बारे में बताने जा रहे है जिनकी वजह से उनको अपने काम से जाना जाता है जैसे की दोस्तों हम आपको कुछ उनके काम बता दे जिनकी वजह से उनको जाना जाता है,
मेरे प्यारे दोस्तों हम आपको बता दे की भूमि और जल , बालू माफिया के खिलाफ कारवाई से लेकर क्राउडसोर्सिंग से 100 किलो मीटर लब्मी सड़क बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।

मेरे प्यारे दोस्तों भारतीय सिविल सेवाओं का हर एक स्टूडेंट का सपना होता है और इसी सपने को पूरा करने के लिए आज हम आपके लिए यह पोस्ट लेकर आये है इस पोस्ट में हम आपको ऐसी जानकारिया बताएंगे जो आपको जानना बेहद जरूरी है तो मेरे प्यारे दोस्तों जुड़े रहिये हमसे शुरू से अंत तक। मेरे प्यारे दोस्तों हम आपको बता दे की साल 2017 में होने वाली परीक्षा UPSC में बहुत से उम्दीवारो ने भाग लिया था और सामजिक स्थिति में 100% नौकरी शामिल है और समाज के लिए काम करने का भी मौका है, दोस्तों चलो बात करते है उन 10 टॉप आईएएस के बारे में।

तुकाराम मुंडे

भारतीय प्रशानिक (IAS) अधिकारी तुकाराम जी मुंडे को 13 साल की सेवा में उनको कर्तव्यनिष्ठा और कर्तव्य के कारण तुकाराम मुंडे जी का कई बार तबादले हुए फिर उसके जाकर 2005 में बेच के ये (IAS) अधिकारी , और अभी वर्तमान में महानगरपालिका में कमिश्नर है। तुकाराम जी ने कई अवेद जगह छापा भी मारा है और माफिया के खिलाफ कार्रवाई भी की जिससे उनको बार बार मोत की धमकिया भी मिली लेकिन फिर भी वह हार नहीं माने और इसी कारण से उनका बार बार तबादला भी हुआ है लेकिन फिर भी तुकाराम जी ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की और चलते रहे जैसे की आपको पता चल ही गया होगा की आज उनकी पोस्ट क्या है तो दोस्तों यह थी तुकाराम जी की कहानी।

एक आईएएस का मानना है की में अपने आप से पूछता हु अगर में नहीं कर सकता हु तो कौन कर सकता है में एक आईएएस अधिकारी होने के नाते अगर सिस्टम को नहीं बदल सकता हु तो और नागरिको को नेतत्व नहीं दे सकता हु तो ये सब कौन कर सकता है।

मिरेकल में मणिपुर के रहने वाले है

मेरे प्यारे दोस्तों आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बता दे लोगो के लिए यह कोई चमत्कार से कम नहीं है, आईएएस अधिकारी का पहला दावा जब हुआ तब सरकार की मद्द्त के बिना उनके कार्यकाल में 2012 में राज्य 100 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया दोस्तों आपको बता दे की 2012 अगस्त  में फेसबुक के की मद्द्त से इस उदेश्य के लिए 40 लाख जुटाए थे और सड़क निर्माण में उनको अमेरिका के केलफ़ोनिया में स्थित फेसबुक में मुख्यालय में बुलाया गया और वहा उनका सम्मान किया गया
दोस्तों आपको बता दे की मणिपुर के सुदूर इलाको में दो गांव थे जो बुरी तरह से दुर्गम थे क्योकि वहा पर सड़क नहीं थी इसी कारन दोनों गांव की कनेक्टिविटी देखा जाए तो बहुत बड़ी समश्या थी अगर लोगो को उस पार जाना होता था तो या तो घंटो पैदल चलना होता था या फिर नदी से तेर कर जाना पड़ता था आज यहाँ बनी 100 किलो मीटर की सड़क को पीपुल्स के नाम से जाना जाता है इसके निर्माण का पूरा श्रेय आर्मस्ट्रांग को ही जाता है।

अब हम बात करेंगे रितु माहेश्र्वरी 

दोस्तों माहेश्र्वरी जी की उम्र 40 वर्ष थी जब उनको पता चला की कानपुर में बिजली चोरी की गयी है तब वह उत्तर प्रदेश में तैनात थी । मेरे प्यारे दोस्तों आपको बता दे की उत्तर प्रदेश में 99% गावो में विधुतीकरण हो गया है जिसमे से केवल 60% घरो में ही बिजली मिलती है। जैसा की जिस दर बिजली का उत्पादन होता है उसकी वजह से अर्थव्यवस्था को बहुत ही ज्यादा भारी नुकशान होता है।

रितु जी खेती है की लोगो ने सोचा की मुझे बेवकूफ बनाया जा सकता या फिर छेड़छाड़ की जा सकती है क्योकि एक महिला को बिजली के बारे में क्या पता होगा और उन्होंने कहा की मेने 5 लाख शुरूआती उपभोक्ताओं के खिलाफ 1 लाख 60 हजार मीटर बदलने में सफल हुई इससे शहरी वितरण में भारी गिरावट ला दी जो उस टाइम 30% थी । इस फैसले के बाद कपनी को 30% से 15% ही रह गयी और उन सभी कम्पनी को घाटा हुआ।

अब हम जानेगे डीसी राजप्पा के बारे में

राजप्पा ने अपनी 28 साल की उम्र में पुरे कर्नाटक में काम किया है राजप्पा ने सागर, मंगलुरु, बीदर, गुलबा, शिमोगा, बेल्लारी, बेंगलूर और बीजापुर में पुलिस अधिकारी के रूप में राजप्पा ने रेलवे, डीसीपी और सीआईडी सहित और भी विभिन पोस्टिंग सेवा की है राजप्पा एक बहुत ईमानदार पोलिस वाले थे और उनकी चर्चा हर जगह की जाती थी।

स्मिता सभरवाल

दोस्तों हम आप सभी को स्मिता सभरवाल जी के बारे में बताने जा रहे है (IAS) अधिकारी स्मिता जी ने अतिरिक्त सचिव नियुक्त करके इतिहास रच दिया और दोस्तों आपको बता दे की सीएम कार्यालय में यह जिम्मेदारी सभालने वाली पहली सबसे कम उम्र की महिला अधिकारी है और अभी तक उनको सेवा में शामिल हुए 15 साल हो गए और वह अभी डी पीपल्स औफिसर के रूप में लोकप्रिय है।

संतोष कुमार मिश्रा

तो चलो दोस्तों बात करते है संतोष कुमार मिश्रा जिन्होंने देश के उज्वल भविष्य को बनाने के लिए बच्चो को शिक्षित करने के महत्व को महसूस करते है संतोष कुमार जी अपनी ड्यूटी से पूर्ण फ्री होकर शिक्षा की दिशा को सुदारने का प्रयास करते है आपको बता दे की संतोष कुमार मिश्रा पटना के रहने वाले है और 2012 बेच के अधिकारी है और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एसएसपी के पद पर तैनात है दोस्तों आपको बता दे की संतोष कुमार मिश्रा बच्चो के लिए पढ़ाई की वेवस्था कराते है क्युकी वो चाहते है की बच्चे पढ़ लिखकर बड़े आदमी बने जब वह अमरोहा जिले में तैनात तो कक्षा 5 का एक विधार्थी ने अपने दोस्तों के 15 दिन तक स्कूल नहीं आने पर शिकायत की थी और बच्चे के चिंतित चेहरे को देखते हुए संतोष कुमार ने उस लड़के के बारे में पता लगाना शुरू किया जिससे पता चला की वह लड़का अपने पिताजी की मिटाई की दुकान पर हाथ बता रहा है उसके बाद संतोष कुमार ने उसके पिता से बात की और शिक्षा प्रदान कराने के लिए बोला और उसके भविष्य के लिए उनको जागरूक किया।

टीवी अनुपमा

अनुपमा वर्तमान में केरल खाध सुरक्षा आयुक्त के रूप में एक आईएएस अधिकारी है अनुपमा जी ने कई प्रकार के राज्यों में अवेद खाध पदाथो पर छापा मारा है कई ऐसे व्यापारी नेटर्वर्क भी बंद किये है और भी कई जगह उन्होंने छापा मारा है अनुपमा जी ने बताया की फ्लो और सब्जियों में कीटनाशक की मात्रा अनुमेय सिमा से लगभग 300% अधिक थी और उसके साथ साथ ही खाध पदाथो के छह हजार नमूने को जब्त कर लिया है और व्यापारियों के खिलाफ अदालत में 750 मामले से ज्यादा दर्ज किए है

अनुपमा जी 13 सितंबर 2019 को केरल सरकार की महिला और उसके बाद बॉल विकाश विभाग की निर्देशक बनी थी।

अपराजिता राय

दोस्तों जानते है हम आज अपराजिता राय के बारे में जब वह आठ साल की तब उनके पिताजी सिक्किम में एक प्रभागीय वन अधिकारी थे और उनका निधन हो गया था जिससे वह उतनी सी छोटी उम्र में समज गई की सरकारी अधिकारी जनता के प्रति कितने अस्वेदनशील थे वो इतनी तेजी से आगे बढ़ी की आज वह सिक्किम की पहली आईपीएस अधिकारी है उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कई मेडल जीते थे और 1958 बेच आईपीएस ट्रॉफी टर्न जीता उनका कहना की सरकारी एग्जाम में कितनी भी पीड़ा क्यों न आये उनका हमेशा डट के सामना करना चाहिए और अपनी सफलता को हासिल करना चाहिए।

तो मेरे प्यारे दोस्तों आपको यह जानकारी केसी लगी अगर आपको इस जानकारी से सबंधित किसी भी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हो दोस्तों हम रोज आपके लिए नए ऐसे कई प्रकार के अपडेट लाते रहते है जिससे आपको आने वाले किसी भी तरह के सरकै एग्जाम में कोई परेशानी ना आये और आप अपने एग्जाम की अच्छे से यारी कर स्खो।

Jobs By Category

1 Comment
  1. Veer says

    Pdf downloading

Leave A Reply

Your email address will not be published.